The souls who have chased dreams, faced losses, and now wish to simply live. It’s about pausing, breathing, and cherishing what life offers today—without being weighed down by yesterday or consumed by tomorrow. If you’ve ever felt the urge to slow down and truly feel every heartbeat, these words will feel like they were written just for you.

आज मे जीना चाहती हूँ
सोच वक़्त के साथ तब्दील होती है।
कल तक पंख लगा आसमान में उड़ना चाहती थी,
हवाओं से बात, बादलों पर चलना चाहती थी,
बारिश की बूंद में झूम गुनगुनाना चाहती थी।
अपनों ख़्वाबों को अपनी मुट्ठी में क़ैद कर
उन्हें जीना चाहती थी,
मेरी ज़ात कितनी अहम है,
इस बात को बताना चाहती थी।
ख़्वाब आज भी हैं निगाहों में,
उड़ना आज भी चाहती हूँ,
बस उन्हें पाने की तलब शायद कम हो गई है।
आज… आज… मैं जीना चाहती हूँ,
कल की फ़िक्र किए बिना
जो मिल रहा है उसका शुक्र अदा करना चाहती हूँ।
मोहब्बत कितनी ख़ूबसूरत होती है,
इस बात को महसूस करना चाहती हूँ।
किसी और लब की मुस्कान
तुम्हारे अंदर भी सुकून भर सकती है -
इस बात को आज़माना चाहती हूँ।
मैं चाहती हूँ हर रोज़ मुतमइन बीते,
जो खो गया उसका ग़म नहीं…
बल्कि जो मिला उसकी खुशी में बीते।
गर किसी का ग़म बाँट सकूँ तो ख़ुद को क़ाबिल समझूँ,
गर किसी के लिए कुछ कर सकूँ
तो ज़िंदगी मुकम्मल समझूँ।
आज ख़्वाबों में सिर्फ मेरा वजूद नहीं…
मुझसे मोहब्बत करते हैं जो, वो भी मौजूद हैं।
आज रुक कर इस ज़िंदगी का मक़सद जानना चाहती हूँ,
आज थोड़ा ठहर जाना चाहती हूँ।
ज़िंदगी ख़ूबसूरत है…
इस बात को आज़माना चाहती हूँ
मैं आज मे जीना चाहती हूँ।
Naseema Khatoon
AAJ MEIN JEENA CHAHTI HOON – A POEM ON LIVING IN THE PRESENT
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